मुंबई में बाढ़ की तस्वीरें देख पगली शायरी | Mumbai me baadh ki tasveerein dekh pagli shayari

Mumbai me baadh ki tasveerein dekh pagli shayari

दोस्तों, जैसे ही Mumbai me baadh का नाम लिया जाता है, मन में एक भावुक तस्वीर उभर आती है। एक ओर पूरा शहर पानी की चादर में ढका नजर आता है, तो दूसरी ओर लोगों के दिलों में उमड़ती भावनाएं भी किसी सैलाब से कम नहीं होतीं। बारिश, संघर्ष और उम्मीद का यह मिलाजुला दृश्य हर किसी को अंदर तक छू जाता है।

ऐसे माहौल में जब कोई अपनी मोहब्बत और दर्द को शब्दों में ढालता है, तो pagli shayari उस एहसास को और भी गहरा बना देती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही Mumbai flood photos और उनसे जुड़ी कहानियां लोगों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।

इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं “Mumbai me baadh ki tasveerein dekh pagli shayari”, जहां आपको मिलेगी दिल को छू लेने वाली emotional shayari, साथ ही हम समझने की कोशिश करेंगे कि कैसे Mumbai flood news, प्रेम और जज़्बात का यह अनोखा संगम सीधे लोगों के दिल तक पहुंच जाता है।

Mumbai me baadh ki tasveerein dekh pagli shayari

मुंबई डूबी है पानी में,
और मैं डूबा हूँ तेरी यादों में,
पगली बोली — “शहर संभल जाएगा,
पर तू कब संभलेगा जज़्बातों में?”

सड़कें भी रो पड़ीं आज,
आसमान भी झुक गया,
पगली हँसकर बोली —
“तेरे जाने के बाद
मेरा दिल भी यूँ ही रुक गया।”

मुंबई की बाढ़ की तस्वीरें देख,
पगली कुछ देर खामोश रही,
फिर बोली — “इतना पानी तो यहाँ है,
पर मेरे आँसू कहाँ कम थे अभी?”

पानी में डूबे मकान,
और ख्वाब भीगते हुए,
पगली बोली — “मेरे सपने भी
तेरे साथ ही डूबते हुए।”

शहर की हर गली में सैलाब है,
दिल में तेरी कमी बेहिसाब है।

मुंबई की बारिश थम जाएगी,
पर तेरी यादें नहीं,
पगली बोली — “शहर सूख जाएगा,
पर ये आँखें नहीं।”

जहाँ पानी ने सब डुबो दिया,
वहीं तूने मेरा दिल डुबोया था।

मुंबई की तस्वीरों में दर्द दिखा,
पगली ने कहा — “ये तो मेरा किस्सा था।”

बारिश आई, शहर बहा,
मेरा दिल पहले ही ढह चुका था।

सैलाब में भी लोग खड़े रहे,
मैं तेरे बिना खड़ा न रह पाया।

मुंबई में बाढ़ का पानी,
और मेरे दिल में तेरा प्यार,
दोनों ही हद से ज़्यादा थे,
दोनों ने किया बेकरार।

शहर डूबा तो खबर बनी,
मैं डूबा तो मज़ाक बना।

पगली बोली — “मुंबई संभल जाएगी,”
काश वो ये भी कह देती — “तू भी।”

तस्वीरों में पानी था,
मेरी आँखों में कहानी थी।

मुंबई की सड़कों जैसा हाल है दिल का,
हर तरफ तेरी यादों का पानी है।

बारिश ने शहर रोका,
तेरी याद ने मुझे।

सैलाब आया, चला जाएगा,
तेरा ग़म नहीं जाएगा।

मुंबई में बाढ़ की तस्वीरें देख पगली शायरी

मुंबई की बाढ़ देख पगली बोली —
“दिल भी जब भर जाता है,
तो यूँ ही बह जाता है।”

हर तस्वीर में पानी,
हर धड़कन में तू।

मुंबई आज भीग रही है,
और मैं हर रोज़।

शहर की गलियाँ डूबी हैं,
मेरी रातें भी।

पगली बोली — “इतना पानी देखकर डर लगता है,”
मैंने कहा — “मुझे तेरी खामोशी से।”

मुंबई संभल जाएगी फिर से,
पर मेरा दिल नहीं।

सैलाब में उम्मीदें तैर रही हैं,
मेरे दिल में बस तेरी यादें।

बारिश ने शहर थामा,
तूने मेरी दुनिया।

मुंबई की हर बूंद में दर्द है,
मेरी हर सांस में तू।

शहर डूबा पर ज़िंदा है,
मैं ज़िंदा हूँ पर डूबा हूँ।

पगली बोली — “देखो कितना पानी है,”
मैंने कहा — “मेरे अंदर इससे ज़्यादा।”

मुंबई की बाढ़ तस्वीरों में है,
मेरी मोहब्बत दिल में।

एक दिन ये पानी उतर जाएगा,
पर तेरी यादों का सैलाब नहीं।

मुंबई में बाढ़ की तस्वीरें देख, पगली तू भी रो पड़ी,
कहने लगी “इतना पानी शहर में,
और मेरी आँखें अब भी तेरे लिए सूखी खड़ी।”

सड़कें डूबी हैं, गलियाँ भीगी हैं,
हर कोना पानी-पानी है,
पगली बोली “देखो,
मेरे दिल में भी तेरी यादों की यही कहानी है।”

मुंबई की बारिश ने शहर को थाम लिया,
हर रास्ता जैसे थम सा गया,
पगली ने तस्वीरें देख कहा
“मेरा दिल भी तेरे बिना यूँ ही जम सा गया।”

जहाँ देखो वहाँ पानी ही पानी,
आसमान भी जैसे रो पड़ा,
पगली बोली “इतना नहीं रोई मैं,
जितना ये शहर तेरे जाने पर रो पड़ा।”

डूबी हुई सड़कों में गाड़ियों की कतारें,
चेहरों पर चिंता की लकीरें,
पगली कहती “मेरे दिल में भी
तेरे बाद ऐसी ही आई थीं तक़दीरें।”

मुंबई की बाढ़ की हर तस्वीर,
एक दर्द की दास्तां कहती है,
पगली बोली “मेरी मोहब्बत भी
कुछ यूँ ही खामोशी में बहती है।”

बारिश की बूंदें जब शहर डुबो देती हैं,
लोग छतों पर ठहर जाते हैं,
पगली हँसकर कहती
“तेरी यादें भी ऐसे ही
मेरे दिल में ठहर जाती हैं।”

पानी में डूबे सपने जैसे,
मुंबई की राहें थम गईं,
पगली बोली “मेरे अरमान भी
तेरे बिन यूँ ही कम हो गईं।”

मुंबई की तस्वीरों में दिखा सैलाब,
हर दिल में डर समाया है,
पगली कहती “मेरे दिल में भी
तेरी जुदाई का पानी छाया है।”

शहर संभल जाएगा फिर से,
ये बाढ़ भी एक दिन उतर जाएगी,
पगली बोली “क्या मेरी मोहब्बत भी
तेरे दिल में फिर जगह पाएगी?”

अंत में यही कहा जा सकता है कि Mumbai me baadh सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं होती, बल्कि यह इंसानी जज़्बातों की भी परीक्षा बन जाती है। जब लोग Mumbai flood photos देखते हैं, तो उनके भीतर छिपे एहसास शब्दों का रूप ले लेते हैं और वही बन जाती है दिल को छू लेने वाली pagli shayari। बारिश, दर्द, इंतजार और मोहब्बत – इन सबका मेल एक ऐसी कहानी रचता है जो लंबे समय तक याद रहती है। उम्मीद है कि यह emotional shayari और अनुभवों का संगम आपके दिल को भी छुएगा और आपको अपने जज़्बात व्यक्त करने की प्रेरणा देगा।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *